Paise Ke Kya Lyrics From Ghulam Begum Badshah [English Translation]

Paise Ke Kya Lyrics From Ghulam Begum Badshah [English Translation]

Paise Ke Kya Lyrics: Presenting the song ‘Paise Ke Kya’ from the Bollywood movie ‘Ghulam Begum Badshah’ in the voice of Hemanta Kumar Mukhopadhyay. The song lyrics were written by Shyam Hindi and the music is composed by Sudipto Chattopadhyaya. It was released in 1956 on behalf of Saregama.

The Music Video Features aljeet, Malika, Nishi, and Sheila Ramani.

Artist: Hemanta Kumar Mukhopadhyay

Lyrics: Shyam Hindi

Composed: Sudipto Chattopadhyaya

Movie/Album: Ghulam Begum Badshah

Length: 3:19

Released: 1956

Label: Saregama

Paise Ke Kya Lyrics

पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है

जिसको चाहे इज़त दे
कर दुनिया का सर ताज करे
जिसको चाहे ज़िलत दे
कर रोटी से मोहताज़ करे
रोटी से मोहताज़ करे
हाथ में इसके दो
धरी शमशीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है

आज अयेस कल जाये फिर भी
लोग इसी को प्यार करे इसकी
खातिर जान लड़ाए एक दूजे पे
वार करे एक दूजे पे वार करे
ये के चलती फिरी सी तस्वीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है

हर मुश्किल है अंसा उसकी
जिसके पल्ले पैसा है
अनहोनी को होनी करदे ज़ोर
इसमें ऐसा ही हो
ज़ोर इसमें ऐसा है
जिसकी छन छन
चं में वो तासीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
पैसे के क्या
केहने पैसा पीर है
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है.

Screenshot of Paise Ke Kya Lyrics

Paise Ke Kya Lyrics English Translation

पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
what to say about money money is a pain
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
what to say about money money is a pain
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
जिसको चाहे इज़त दे
give respect to whomever you want
कर दुनिया का सर ताज करे
crown the world
जिसको चाहे ज़िलत दे
insult whomever you want
कर रोटी से मोहताज़ करे
make dependent on bread
रोटी से मोहताज़ करे
indulge in bread
हाथ में इसके दो
two in hand
धरी शमशीर है
Dhari Shamsheer Hai
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
what to say about money money is a pain
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
आज अयेस कल जाये फिर भी
today may go tomorrow even then
लोग इसी को प्यार करे इसकी
people love this
खातिर जान लड़ाए एक दूजे पे
fight for each other’s sake
वार करे एक दूजे पे वार करे
hit each other
ये के चलती फिरी सी तस्वीर है
This is a moving picture
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
पैसे के क्या कहने पैसा पीर है
what to say about money money is a pain
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
हर मुश्किल है अंसा उसकी
every difficulty is his part
जिसके पल्ले पैसा है
who has money
अनहोनी को होनी करदे ज़ोर
force the impossible to happen
इसमें ऐसा ही हो
so be it
ज़ोर इसमें ऐसा है
the emphasis is on
जिसकी छन छन
Whose shade
चं में वो तासीर है
I have that influence
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है
It is the fate of the one who becomes it.
पैसे के क्या
what about money
केहने पैसा पीर है
kehne paisa pir hai
ये जिसका बन जाये वो तक़दीर है.
It is the fate of the one who becomes it.


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